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Friday, July 4, 2025

पद्मश्री डॉ. एम.सी. डाबर के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया शोक, प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके हैं मुलाकात

 



मानव सेवा को समर्पित था जीवन, फीस मात्र ₹20 में करते थे इलाज

 प्रथम टुडेbजबलपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर निवासी प्रख्यात चिकित्सक पद्मश्री डॉ. एम.सी. डाबर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. डाबर केवल एक डॉक्टर नहीं थे, वे मानव सेवा की सच्ची मिसाल थे। उनका संपूर्ण जीवन समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सेवा को समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, "डॉ. डाबर ने निस्वार्थ भाव से चिकित्सा सेवा प्रदान की। उन्होंने बेहद सस्ती दर पर इलाज कर हजारों-लाखों मरीजों को राहत दी। चिकित्सा जगत में उनका योगदान अविस्मरणीय है और वे सदैव एक आदर्श के रूप में याद किए जाएंगे।"

मुख्यमंत्री ने जबलपुर प्रवास के दौरान डॉ. डाबर से भेंट भी की थी और उनके सेवा कार्यों की सराहना की थी।

₹20 में इलाज, वही दवा भी शामिल

डॉ. डाबर की पहचान एक ऐसे चिकित्सक के रूप में थी, जो गरीब और जरूरतमंद मरीजों से न तो मोटी फीस लेते थे, न ही महंगी दवाएं लिखते थे। अपने करियर की शुरुआत में वे मात्र ₹2 में इलाज करते थे और वर्षों तक ₹20 में ही मरीजों को परामर्श देने के साथ दवा भी प्रदान करते रहे। उनका उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं था, बल्कि मरीज को आर्थिक बोझ से बचाकर संपूर्ण राहत देना था।

उनका छोटा-सा क्लीनिक गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था, जहां बिना भेदभाव के हर मरीज को समान सेवा मिलती थी। उन्होंने कभी धन नहीं, बल्कि मानवता को प्राथमिकता दी।

प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके हैं सम्मान

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में भारत सरकार ने डॉ. एम.सी. डाबर को पद्मश्री सम्मान से नवाजा था। यह सम्मान उन्हें सस्ती चिकित्सा सेवा और जनकल्याणकारी योगदान के लिए दिया गया था।

दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब जबलपुर प्रवास पर थे, तब डुमना एयरपोर्ट पर उन्होंने डॉ. डाबर से भेंट कर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया था। यह मुलाकात स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा डॉ. डाबर की निस्वार्थ सेवा के प्रति आदर का प्रतीक मानी गई।

अंतिम पंक्तियाँ

डॉ. डाबर का जीवन इस बात की मिसाल है कि सेवा का भाव सबसे बड़ा सम्मान होता है। वे चले गए, लेकिन उनका कार्य, उनके विचार और उनकी सादगी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

प्रथम टुडे उनके परिवार और समस्त जबलपुरवासियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है।

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