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Tuesday, July 1, 2025

वायरल रील से शुरू हुई दोस्ती, फर्जी शादी में बदली... और फिर हत्या में खत्म: जबलपुर निवासी की गोरखपुर में बेरहमी से हत्या

 उम्र 45 हो गई है महाराज, 18 बीघा जमीन है, लेकिन शादी नहीं हुई...”


जबलपुर/गोरखपुर, प्रथम टुडे।

ये भावुक शब्द थे मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी इंद्र कुमार तिवारी के, जो एक धार्मिक कथा मंच पर बैठे हुए कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के चरणों में अपनी पीड़ा साझा कर रहे थे। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसी रील ने उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल की पटकथा लिख दी—जो अंततः उनकी हत्या तक पहुंची।

स्क्रीन पर स्क्रॉल करती रही साहिबा, लालच में थमा प्लान

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बैठी साहिबा बानो नामक महिला ने जब यह रील देखी, तो न उसे इंद्र की बेबसी दिखाई दी, न भावनाएं। उसे दिखी तो बस एक चीज—18 बीघा जमीन।

फिर शुरू हुई एक सोची-समझी साजिश। साहिबा ने अपना नाम बदलकर खुद को ‘खुशी तिवारी’, एक ब्राह्मण युवती के रूप में पेश किया। फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जातीय पहचान बदली और सोशल मीडिया पर इंद्र से संपर्क साधा। बातचीत बढ़ती गई और इंद्र, जो वर्षों से अकेलेपन का बोझ ढो रहे थे, शादी के सपने संजोने लगे।

शादी की रस्मों के बाद मौत की पटकथा

इंद्र तिवारी, जो जबलपुर के बढ़वार क्षेत्र के रहने वाले थे, 600 किलोमीटर दूर गोरखपुर पहुंचे। मंदिर में शादी की रस्में पूरी हुईं—सिंदूर, जयमाला, सात वचन। लेकिन इंद्र को यह नहीं पता था कि जिस स्त्री को उन्होंने जीवन संगिनी माना, वह उनकी मौत की साजिश पहले ही रच चुकी थी।

शादी के कुछ ही घंटों बाद, खुशी उर्फ साहिबा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इंद्र की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। शव को कुशीनगर जिले के हाटा थाना क्षेत्र के एक नाले के पास फेंक दिया गया।

शव मिला, लेकिन पहचान नहीं हो पाई

यह वारदात 6 जून को हुई। पुलिस को नाले के पास एक अज्ञात शव मिला, लेकिन कई दिन तक पहचान नहीं हो सकी। जबलपुर से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जब पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर और पोस्टरों के माध्यम से जानकारी जुटाई, तो हुलिए के आधार पर शव की पहचान इंद्र तिवारी के रूप में हुई।

जांच में सामने आई साजिश

पुलिस ने सर्विलांस, कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया डिटेल्स खंगाले। धीरे-धीरे साहिबा बानो का नाम सामने आया। गहन छानबीन में यह भी पता चला कि साहिबा ने पहले से ही कुशल नामक युवक से शादी कर रखी थी। आशंका है कि कुशल को भी पैसे और जमीन के लालच में इस साजिश में शामिल किया गया।

हड़पना चाहती थी जमीन, विधवा

बनकर

पुलिस को शक है कि हत्या के बाद साहिबा खुद को इंद्र की विधवा बताकर उनकी 18 बीघा जमीन पर हक जताने की तैयारी में थी। फिलहाल कुशीनगर पुलिस ने साहिबा बानो उर्फ खुशी तिवारी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब यह भी जांच का विषय है कि क्या यह पहली घटना थी या साहिबा ने पहले भी इस तरह की ठगी और हत्याएं की हैं।

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