जबलपुर | प्रथम टुडे विशेष रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के जबलपुर में राजनीति की गर्मी उस वक्त और तेज हो गई जब पनागर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील तिवारी उर्फ इंदु तिवारी ने कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का आपराधिक परिवाद दायर किया। मामला दिनांक 15 मई 2023 की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा है, जिसमें दिग्विजय सिंह द्वारा विधायक तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
क्या हैं आरोप?
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि पनागर क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत आने वाला अनाज 50-60% तक बाजार में बेचा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में मीडिया चुप है और कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने यह बयान प्रेस वार्ता के माध्यम से दिया, जिसे सोशल मीडिया पर (फेसबुक समेत) व्यापक रूप से प्रसारित किया गया।
विधायक का दावा – बिना साक्ष्य के की गई छवि धूमिल करने की कोशिश
विधायक सुशील तिवारी ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से दिग्विजय सिंह को 16 मई 2023 को वैधानिक नोटिस भेजा था। इस नोटिस में मांग की गई थी कि सिंह सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित वीडियो क्लिप हटाएं। नोटिस में यह भी कहा गया था कि यदि यह नहीं किया गया, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
विधायक के अनुसार, नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया और न ही आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इसके बाद परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
कोर्ट ने लिया संज्ञान, अब दिग्विजय सिंह को नोटिस
प्रकरण में जबलपुर न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 बीएनएसएस के तहत सुनवाई की प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए दिग्विजय सिंह को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
न्यायालय का कहना है कि चूंकि अभियुक्त राज्यसभा सांसद हैं, अतः पंजीयन के पहले उन्हें सुनना आवश्यक है।
क्या है कानूनी पक्ष?
विधायक ने आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह का यह कृत्य भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) एवं 503 (आपराधिक भयादोहन) के अंतर्गत आता है।
परिवादी का कहना है कि:
यह बयान जानबूझकर राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से दिया गया।
प्रेस वार्ता का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को ठेस पहुंची, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी मतदाताओं के बीच उनकी साख प्रभावित हुई।
अब क्या होगा आगे?
मामला सुनवाई के लिए आगामी तिथि 21 जुलाई 2025 को नियत किया गया है, जिस पर कोर्ट दिग्विजय सिंह के पक्ष को सुनकर निर्णय लेगा कि परिवाद के आधार पर आपराधिक कार्यवाही शुरू की जाए या नहीं।
विधायक सुशील तिवारी इंदू की ओर से अधिवक्ता रोहित रघुवंशी ने प्रमुखता से पक्ष रखा

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