प्रथम अद्यतन जापानी। वीरांगना रानी दुर्गावती के 462वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को बारहा स्थित अपनी समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित की। मुख्यमंत्री ने समाधि स्थल पर पुष्पांजलि कर चरण वंदन किया और कहा कि रानी दुर्गावती केवल नारी शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि देवी के स्वरूप में पूजनीय हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती का त्याग, शौर्य और नेतृत्व के आगमन की प्रेरणा है। उन्होंने जानकारी दी कि रानी दुर्गावती की वीर गाथा को नेपोलियन के ग्रंथ में शामिल किया गया है ताकि बच्चे अपने जीवन को सीख सकें और गौरव का अनुभव कर सकें।
नगर निगम द्वारा बलिदान दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खुले मंच से प्रचारक और पुरस्कार राशि में पांच लाख रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष से शहीद दिवस पर 'मिनी स्मारक' आयोजित करने की घोषणा करते हुए इसे एक जनभागीदारी उत्सव के रूप में शहीद का संकल्प भी बताया।
कार्यक्रम में आयोजित रेस प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री द्वारा क्रमशः ₹21,000, ₹11,000 और ₹5,000 की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान जंपर्स के महानायक श्री जगत बहादुर सिंह 'अबॉल्ज़' ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं। आज वे वाराणसी से सीधे जापानी ग्यास वीरांगना रानी दुर्गावती को अमेरिका में नमन करते हैं, यह शिकायत है कि उनके हृदय में रानी दुर्गावती देवी स्वरूप बसती हैं। उनके नेतृत्व में राज्य गौरव की नई विरासत को छू रहे हैं।"
नगर निगम द्वारा बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से एवं अधिकारियों से आयोजन समिति की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इस परंपरा को हर वर्ष जारी रखने का आग्रह किया।

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