डीआरडीओ और आईआईटी दिल्ली ने 1 किलोमीटर फ्री-स्पेस एंटैंगलमेंट-आधारित क्वांटम कम्युनिकेशन का सफल प्रदर्शन किया
प्रथम टुडे, 21 जून 2025: pratham dixit ki
भारत के वैज्ञानिक समुदाय ने एक और बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने मिलकर 1 किलोमीटर की दूरी पर फ्री-स्पेस एंटैंगलमेंट-आधारित क्वांटम कम्युनिकेशन का सफल प्रदर्शन किया है। यह सफलता भारत को क्वांटम तकनीक की दिशा में अग्रणी देशों की सूची में लाने की दिशा में एक अहम कदम है।
इस प्रदर्शन के दौरान वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक का उपयोग किया, जिसमें फोटॉनों को एक-दूसरे से 'एंटैंगल' किया गया — यानी वे एक-दूसरे से इतनी गहराई से जुड़े हुए थे कि एक में परिवर्तन आने पर दूसरे में भी तत्काल प्रभाव देखने को मिला, चाहे वे कितनी भी दूरी पर हों। इसे क्वांटम एंटैंगलमेंट कहा जाता है और यह क्वांटम इंटरनेट और अल्ट्रा-सिक्योर कम्युनिकेशन का आधार है।
आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों ने बताया कि इस प्रयोग में दो क्वांटम स्रोतों से एंटैंगल्ड फोटॉनों को उत्पन्न किया गया और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया। दोनों छोरों पर उच्च-संवेदनशीलता वाले डिटेक्टर्स ने इन फोटॉनों को पकड़कर उनके बीच की सहसम्बंधिता (correlation) को मापा। परिणामों से यह पुष्टि हुई कि क्वांटम एंटैंगलमेंट दूरियों पर भी कायम रहता है।
डीआरडीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "यह प्रयोग भारत में क्वांटम कम्युनिकेशन नेटवर्क की नींव रखने की दिशा में मील का पत्थर है। इस तकनीक का भविष्य में उपयोग सेना, अंतरिक्ष और सुरक्षित सरकारी संचार में किया जा सकेगा।"
इस उपलब्धि के प्रमुख बिंदु:
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यह प्रयोग खुले वातावरण (ओपन फ्री-स्पेस) में किया गया।
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इसमें क्वांटम बिट्स (क्यूबिट्स) को 1 किलोमीटर दूर तक सफलतापूर्वक भेजा गया।
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साइबर सुरक्षा और एन्क्रिप्शन के क्षेत्र में यह तकनीक क्रांतिकारी सिद्ध हो सकती है।
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भविष्य में यह तकनीक ‘क्वांटम इंटरनेट’ के विकास की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक ने कहा कि "क्वांटम टेक्नोलॉजी भारत की अगली पीढ़ी की तकनीकी सशक्तता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सफलता हमें और अधिक जटिल और लंबी दूरी की क्वांटम कम्युनिकेशन प्रणालियों के निर्माण के लिए प्रेरित करती है।"
यह प्रयोग इस बात का प्रमाण है कि भारत क्वांटम तकनीक जैसे जटिल और संवेदनशील क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक भारत को न केवल साइबर हमलों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में भी अग्रणी बनाएगी।
🔬 संदर्भ:
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DRDO: Defence Research and Development Organisation
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IIT Delhi: Indian Institute of Technology, Delhi
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Quantum Communication: एक ऐसी तकनीक जिसमें डेटा को क्वांटम कणों के माध्यम से भेजा जाता है, जिससे उसे हैक करना लगभग असंभव हो जाता है।
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