जबलपुर | प्रथम टुडे (न्यूज डेस्क) संस्कारधानी के शोभापुर-गोकलपुर वार्ड में स्थित करोड़ों की पैतृक भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। सिंह परिवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सैनी परिवार पर अवैध कब्जे, डराने-धमकाने और प्रशासनिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप जड़े हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे अपनी ही पुश्तैनी जमीन पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उन्हें भू-माफियाओं के डर से पलायन करने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
पैतृक भूमि पर कब्जे और अवैध निर्माण का मामला
प्रेस वार्ता के दौरान सिंह परिवार के सदस्यों ने बताया कि खसरा नंबर 391/12/झ समेत अन्य बटांकों की भूमि उनकी 100 वर्ष पुरानी पैतृक संपत्ति है। आरोप है कि एडवोकेट आर.के. सैनी और उनके परिजनों ने अपनी खरीदी गई भूमि से कहीं अधिक क्षेत्र (लगभग 5000 वर्गफीट) पर बिना किसी नक्शा स्वीकृति के अवैध कब्जा कर रखा है।
सिंह परिवार ने स्पष्ट किया कि वे डेवलपर अभिलाष तिवारी के साथ मिलकर अपनी भूमि पर वैधानिक अनुमति के साथ आवासीय कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। आरोप है कि सैनी परिवार इस विकास कार्य में न केवल बाधा डाल रहा है, बल्कि बुलडोजर चलवाने की धमकियां भी दे रहा है।
'हथियारों के बल पर डराया जा रहा है'
सिंह परिवार ने सैनी परिवार के पुरुष सदस्यों—राकेश सैनी, रोहित सैनी और सुभाष सैनी—पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग समूह बनाकर हथियारों के साथ जमीन पर आते हैं। प्रेस वार्ता में भावुक होते हुए परिवार ने कहा कि घर के बुजुर्गों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे दबाव में आकर जमीन छोड़ दें।
कानूनी दांवपेच और एनजीटी का मामला
विवाद का एक सिरा कानूनी लड़ाई से भी जुड़ा है। सिंह परिवार के अनुसार:
- वर्ष 2018 से उनके खिलाफ विभिन्न विभागों में झूठी शिकायतें की जा रही हैं।
- एनजीटी (NGT) में लगाए गए एक मामले में परीक्षण के बाद शिकायतकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे उच्चतम न्यायालय ने भी बरकरार रखा।
- आरोप है कि अब बार काउंसिल के लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर पीआईएल (PIL) के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है।
पुरानी रंजिश और जेल यात्रा
रिपोर्ट के अनुसार, यह विवाद नया नहीं है। पूर्व में रोहित और राकेश सैनी पर निशांत ठाकुर के कार्यालय में तोड़फोड़ और अवैध वसूली के आरोप लगे थे। इस मामले में रांझी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था, लेकिन सिंह परिवार का आरोप है कि रसूख के चलते वे जल्द ही बाहर आ गए और अब दोबारा परेशान कर रहे हैं।
समाज सेवा बनाम चुनावी रणनीति?
सिंह परिवार ने अपनी साख का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने जनहित में 6 एकड़ जमीन व्हीकल फैक्ट्री को, शोभापुर फाटक और पानी की टंकी के लिए बिना किसी मुआवजे के जमीन दान दी है।
वहीं, शहर के गलियारों में चर्चा है कि आर.के. सैनी वर्तमान में स्टेट बार काउंसिल का चुनाव लड़ रहे हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को चुनावी माहौल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका किसी चुनाव से लेना-देना नहीं है, वे केवल अपनी जान और जमीन की सुरक्षा चाहते हैं।
"हमें अपनी जान-माल का खतरा है। प्रशासन से हमारी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और हमें सुरक्षा प्रदान की जाए।" > — सिंह परिवार (शोभना सिंह, नरेन्द्र सिंह व अन्य)
उपस्थिति: प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से शोभना सिंह, नरेन्द्र सिंह, रमेश सिंह, श्वेता सिंह, महेश सिंह और रागिनी सिंह मौजूद रहीं।

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