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Sunday, April 12, 2026

जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

 5 अस्पताल और 121 क्लीनिकों पर ताला, चिकित्सा जगत में मचा हड़कंप


जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक की सबसे सख्त कार्यवाही की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देश पर 5 निजी अस्पतालों और 121 क्लीनिकों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।

126 संस्थानों पर कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 126 अस्पताल और क्लीनिकों पर कार्रवाई की गई है। वर्ष 2025-26 के लिए 55 अस्पतालों के पंजीयन नवीनीकरण का प्रस्ताव था, लेकिन निरीक्षण के दौरान कई अस्पताल शासन द्वारा तय मानकों पर खरे नहीं उतर पाए।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं अस्पतालों और क्लीनिकों को संचालन की अनुमति दी गई है जिन्होंने समय पर ऑनलाइन आवेदन किया और निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक मानकों का पालन करते पाए गए।

इन कारणों से निरस्त हुए अस्पतालों के पंजीयन

स्वास्थ्य विभाग की सूची के अनुसार विभिन्न अस्पतालों के पंजीयन अलग-अलग कारणों से निरस्त किए गए —

बटालिया आई हॉस्पिटल और सरकार हॉस्पिटल ने स्वयं बंद करने का आवेदन दिया

नामदेव नर्सिंग होम ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया

एस.सी. गुप्ता मेमोरियल हॉस्पिटल में निरीक्षण के दौरान पर्याप्त स्टाफ नहीं मिला

संकल्प हॉस्पिटल का नगर निगम से भवन अनुमति संबंधी विवाद सामने आया

क्लीनिकों पर भी चली कार्रवाई

केवल अस्पताल ही नहीं, बल्कि निजी क्लीनिकों पर भी स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। जिले में संचालित 240 क्लीनिकों में से 121 क्लीनिकों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।

इनमें से

89 क्लीनिकों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया

32 क्लीनिकों के दस्तावेज अधूरे या संदिग्ध पाए गए

स्वास्थ्य विभाग ने ए.ए. अंसारी क्लीनिक, आदर्श क्लीनिक, आधुनिक डेंटल क्लीनिक सहित कई पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर को भी सूची में शामिल किया है।

मरीजों को लेकर सख्त निर्देश

CMHO कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिन अस्पतालों और क्लीनिकों के पंजीयन निरस्त किए गए हैं, वे अब किसी भी नए मरीज को भर्ती नहीं करेंगे।

साथ ही —

पहले से भर्ती मरीजों का उपचार पूरा कर जल्द डिस्चार्ज किया जाएगा

संस्थानों को अपने बोर्ड और नाम पट्टिका हटाने के निर्देश

जनता को भ्रमित करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

सुधार के लिए अंतिम मौका

स्वास्थ्य विभाग ने उन क्लीनिक संचालकों को राहत भी दी है जिन्होंने समय सीमा में आवेदन नहीं किया था। ऐसे संचालक MP Online पोर्टल के माध्यम से पुनः आवेदन कर सकते हैं।

हालांकि, पुनः संचालन की अनुमति तभी दी जाएगी जब स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर निरीक्षण कर सभी मानकों को संतोषजनक पाएगी।

बिना अनुमति क्लीनिक या अस्पताल संचालित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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