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Thursday, January 1, 1970

फर्जी जमानतदार बनकर आरोपी की जमानत लेने वाला गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

 खुद को पत्रकार बताकर घूमता था आरोपी, जालसाजी का मामला दर्ज

प्रथम टुडे 

जबलपुर। फर्जी जमानतदार बनकर न्यायालय में आरोपी की जमानत लेने के मामले में अदालत ने एक व्यक्ति को जेल भेज दिया है। खुद को पत्रकार बताने वाला सतीश रजक पिता रमेश रजक, निवासी ग्राम हरदुली बरगी नगर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक सोनी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में जबलपुर निवासी आकाश सोनकर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में विशेष न्यायाधीश आर.आर. बड़ोनिया की अदालत में रामप्रसाद वल्द पुन्नू गौड़, निवासी धवई बरगी के नाम से जमानत पेश की गई थी। बाद में जांच में सामने आया कि जमानत के लिए जिस जमीन की बही का उपयोग किया गया, उस पर किसी अन्य व्यक्ति ने फोटो लगाकर और फर्जी हस्ताक्षर कर जमानत ली थी।

मामले की जानकारी मिलने पर न्यायालय ने वास्तविक रामप्रसाद वल्द पुन्नू गौड़ से पूछताछ कराई, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी मामले में जमानत नहीं ली है और उनकी जमीन की बही का दुरुपयोग किया गया है।

इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि सतीश रजक ने खुद को रामप्रसाद बताकर आकाश सोनकर की जमानत ली थी।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 205 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

खुद को पत्रकार बताने का भी आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी सतीश रजक लंबे समय से बरगी क्षेत्र में खुद को पत्रकार बताकर घूमता था। कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि वह वाहनों पर प्रतिष्ठित अखबारों के नाम लिखकर क्षेत्र में प्रभाव बनाने की कोशिश करता था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सूत्रों के अनुसार, बरगी नगर चौकी में पहले भी उसके खिलाफ शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिनकी पुलिस द्वारा जांच की गई थी।

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