प्रथम टुडे जबलपुर, 21 अगस्त 2025 —
जबलपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी के परिजनों को दोषी करार दिया है। यह संभवतः पहला मामला है जब किसी भ्रष्टाचार के आरोपी की मृत्यु के बाद भी उसके परिवार को अदालत ने सजा सुनाई है।
मामला सहायक लेखाधिकारी रहे सूर्यकांत गौर से जुड़ा है, जिन पर ईडी ने वर्ष 2011 में मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के तहत मामला दर्ज किया था। जांच में उनके पास से करीब 90 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पता चला, जो उन्होंने अपने परिवार के नाम पर भी निवेश की थी।
सुनवाई के दौरान सूर्यकांत गौर की मृत्यु हो गई थी, लेकिन ईडी ने जांच जारी रखते हुए उनकी पत्नी विनीता गौर, बेटे शिशिर गौर और बहू सुनीता गौर को इस मामले में आरोपित किया।
अदालत ने सभी तीनों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की सश्रम कारावास और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। तय जुर्माना न भरने की स्थिति में उन्हें छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश माना जा रहा है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि अवैध संपत्ति चाहे किसी के भी नाम पर हो, कानून से कोई नहीं बच सकता।

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