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सिविल लाइन क्षेत्र में व्हाइट टॉपिंग तकनीक से तैयारी की जा रही है नई सड़क के साथ अब यहां स्टैम्प स्किल्ड और बेहतर ग्रेडेज सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल सड़क की गुणवत्ता और आयु को सूचीबद्ध करना है, बल्कि आसपास के घर और फिल्म के जल परिदृश्य को भी अलग बनाना है।
सड़क निर्माण कार्य का लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सोमवार को निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
व्हाइट टॉपिंग: लंबे समय तक स्थिर और बिना सेक्स वाली सड़कें
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बताया कि "व्हाइट टॉपिंग" एक आधुनिक तकनीक है, जिसका उपयोग बिना बड़ी कीमत के 15 से 20 साल तक किया जा सकता है। यह तकनीक देश के चुनिंदा बड़े महानगरों में ही प्रयोग में लाई जाती है और अब जापान की भी कई सब्जियों पर इस पर अमल किया जा रहा है।
सिविल लाइन की सड़क भी इसी तरह से बनी हुई है। इसके तहत न केवल रोड बल्कि स्टाम्प चॉकलेट के सिस्टम और मानक के आधार पर स्टाम्प का भी निर्माण किया जा रहा है।
पुरानी समस्या का समाधान
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि बारिश के दौरान सिविल लाइन में बनी पुरानी पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति बाधित होती है और सड़क पर पाइपलाइन की स्थिति खराब हो जाती है। लेकिन अब नई सड़क के साथ दोनों ओर मानक नालियां (ड्रेनेज सिस्टम) बनी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि सड़क के बड़े पैमाने पर वर्तमान में एक ओर ही गेराजेज व्यवस्था है, जिससे वर्षा जल को बाहर तक पार किया जा सकता है। यह सिस्टम अब बदला जा रहा है, और दोनों तरफ से हर घर के सामने ग्रिल (जाली) स्थित है। रखेगी घर से रहने वाला पानी सीधे नालों में जा सके और किसी भी प्रकार का अवरोध न हो।
जनसुविधा हमारी सुविधा: मंत्री
मंत्री ने यह भी कहा कि लोक निर्माण विभाग अब निर्माण कार्यों में आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है, ताकि क्षेत्र का निरीक्षण और प्रमाणन विकास सुनिश्चित किया जा सके। " जनता हमारी मांगना है।" हर विकास कार्य का उद्देश्य जीवन को सरल और मजबूत बनाना है।"

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