प्रथम टुडे | जबलपुर
संस्कारधानी जबलपुर में युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने वाले ड्रग तस्करों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी और सटीक कार्रवाई करते हुए हनुमानताल क्षेत्र से दो सगे भाइयों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी राज राजेश्वरी माता मंदिर के आसपास खुलेआम नशीले इंजेक्शन और गांजा बेच रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन, अवैध गांजा, नगदी और धारदार हथियार बरामद किए हैं।
क्राइम ब्रांच और थाना हनुमानताल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों की पहचान साहिल सोनकर (23) और सावन सोनकर (21) निवासी साहू मोहल्ला, प्रेमसागर के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई लंबे समय से इलाके में नशे का कारोबार संचालित कर रहे थे।
मंदिर के पास सजी थी नशे की खुली मंडी
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि राज राजेश्वरी माता मंदिर के आसपास की गलियों में कुछ युवक भीड़ लगाकर खुलेआम नशीले इंजेक्शन और गांजा बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच एवं थाना हनुमानताल की संयुक्त टीम ने तत्काल दबिश दी।
पुलिस को देखते ही मौके पर भगदड़ मच गई और दोनों आरोपी भागकर पास की एक कुलिया में घुस गए, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से नशीले इंजेक्शन, गांजा, नगदी और धारदार हथियार बरामद किए गए।
तलाशी में मिला नशे और हथियारों का जखीरा
पुलिस ने आरोपी साहिल सोनकर के कब्जे से—
बुप्रेनॉर्फीन (रेक्सो जेसिक) के 16 पैकेट
प्लैजैसिक बुप्रेनॉर्फीन के 4 पैकेट
कुल 100 एम्पुल नशीले इंजेक्शन
एविल (फेनारेमाईन मैलिएट) के 25 इंजेक्शन
नशे की बिक्री से कमाए गए ₹18 हजार नगद
बरामद किए।
वहीं आरोपी सावन सोनकर के पास से 20 पुड़ियों में रखा 430 ग्राम अवैध गांजा, एक बटनदार चायना चाकू, एक अवैध तलवार और अन्य धारदार हथियार जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी इलाके में दहशत के बल पर नशे का कारोबार चला रहे थे।
₹300 में बेचते थे ‘नशे का कॉम्बिनेशन सेट’
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे एक एविल इंजेक्शन और एक प्लैजैसिक/रेक्सजेसिक इंजेक्शन को मिलाकर “कॉम्बिनेशन सेट” तैयार करते थे और नशा करने वालों को ₹300 में बेचते थे।
साहिल ने पुलिस को बताया कि वह यह इंजेक्शन शीतलामाई क्षेत्र के सिद्धार्थ शर्मा से खरीदकर लाता था, जबकि सावन गांजा अपने जीजा ऋषि सोनकर निवासी ब्योहार बाग से लाकर पुड़िया बनाकर बेचता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी यह जानते थे कि इन इंजेक्शनों की ओवरडोज से किसी की मौत भी हो सकती है, बावजूद इसके अवैध मुनाफे के लिए युवाओं को नशे का आदी बना रहे थे।
हनुमानताल बना नशे का गढ़, स्थानीय पुलिसिंग पर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद हनुमानताल क्षेत्र में चल रहे अवैध नशे के कारोबार को लेकर स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से खुलेआम नशीले इंजेक्शन और गांजा बेचा जा रहा था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
लोगों के मुताबिक करीब तीन से चार वर्ष पहले वर्तमान रांझी थाना प्रभारी जब हनुमानताल थाना क्षेत्र में पदस्थ थे, तब उन्होंने नशे के सौदागरों और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई कर इलाके में कानून व्यवस्था मजबूत की थी। उनकी सख्त कार्यशैली के चलते नशा तस्कर या तो जेल पहुंच गए थे या क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर हो गए थे।
इतना ही नहीं, इलाके में अवैध रूप से संचालित होने वाले कई गैरकानूनी काम भी लगभग बंद हो गए थे। लेकिन समय बीतने के साथ एक बार फिर नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों ने क्षेत्र में पैर पसारना शुरू कर दिया, जिसके चलते अब क्राइम ब्रांच को मोर्चा संभालना पड़ा।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20, 8/22, 29, ड्रग कंट्रोल अधिनियम, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कार्रवाई में इन अधिकारियों की रही सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर मधुर पटेरिया तथा उप पुलिस अधीक्षक अपराध उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में की गई।
आरोपियों को पकड़ने में थाना प्रभारी अपराध शैलेष मिश्रा के निर्देशन में क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह, सहायक उप निरीक्षक अशोक मिश्रा, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह, आरक्षक राजेश मात्रे, सतेन्द्र विसेन, शिव सिंह बघेल, प्रीतम उपाध्याय तथा चौकी प्रभारी प्रेमसागर उप निरीक्षक महेंद्र बेन, सहायक उप निरीक्षक रोहणी शुक्ला, प्रधान आरक्षक विनीत श्रीवास, सादिक और सैय्यद रिजवी की सराहनीय भूमिका रही।

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