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Friday, March 13, 2026

कमर्शियल की जगह धड़ल्ले से जल रहे घरेलू गैस सिलेंडर

 होटल, चाट-चाय के ठेलों पर खुलेआम उपयोग; एजेंसियों पर आम उपभोक्ता लाइन में परेशान


जबलपुर। शहर में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग का मामला तेजी से सामने आ रहा है। नियमों के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर केवल घरों में उपयोग के लिए निर्धारित हैं, जबकि होटल, ढाबे, चाट-चाय के ठेले और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग अनिवार्य है। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में खुलेआम घरेलू सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है।

स्थिति यह है कि जहां एक ओर आम उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के सामने घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कई होटल और फास्ट-फूड स्टॉल संचालक एक साथ दो-दो और तीन-तीन घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि इससे गैस की कृत्रिम कमी भी पैदा हो रही है।

चौपाटी और सिविक सेंटर में सबसे ज्यादा दुरुपयोग

यदि शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों पर नजर डाली जाए तो सिविक सेंटर चौपाटी, सदर चौपाटी और सिविक सेंटर के आसपास संचालित चाट-चाइनीज की दुकानों व छोटे होटलों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग सबसे अधिक देखा जा सकता है। यहां कई ठेले-स्टॉल ऐसे हैं जहां एक नहीं बल्कि एक साथ दो या तीन घरेलू सिलेंडर जुड़े हुए मिलना आम बात है।

कैटरिंग व्यवसाय में भी बड़ी खपत

सूत्रों के अनुसार यदि कैटरिंग का काम करने वाले लोगों की जांच की जाए तो उनके पास भी 10 से 15 तक घरेलू सिलेंडर मिलना असामान्य नहीं है। बड़े आयोजनों में कमर्शियल सिलेंडर की जगह घरेलू गैस का उपयोग कर लागत कम करने की कोशिश की जाती है, जिससे सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन होता है।

प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल

शहर में लंबे समय से इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अभी तक इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही है। जबकि इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं जबलपुर में अभी तक इस दिशा में किसी विशेष टीम के गठन की जानकारी सामने नहीं आई है।

गैस की कालाबाजारी की भी आशंका

लगातार बड़ी मात्रा में घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग इस ओर भी इशारा करता है कि कहीं न कहीं गैस की कालाबाजारी या अनधिकृत आपूर्ति भी हो सकती है। क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर नियमित रूप से उपलब्ध होना सामान्य वितरण प्रणाली से संभव नहीं माना जा रहा है।

उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी

दूसरी ओर आम उपभोक्ता गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से शाम तक लाइन में लगने को मजबूर हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग इसी तरह चलता रहा तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ सकती है।

जांच और कार्रवाई की मांग

शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि खाद्य विभाग और जिला प्रशासन को इस मामले में संयुक्त जांच दल गठित कर होटल, ढाबों और ठेलों की जांच करनी चाहिए, ताकि घरेलू गैस के दुरुपयोग पर रोक लग सके और वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।

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