प्रथम टुडे जबलपुर
स्थान: सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल, जबलपुर
समय: प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक (प्रतिमा विक्रय हेतु स्टॉल)
जैसे हर वर्ष, इस वर्ष भी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल, जबलपुर के बंदियों द्वारा गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर पूर्णतः इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। यह प्रतिमाएं मिट्टी, देसी गोबर एवं तुलसी के बीजों से बनाई गई हैं, जिनमें पर्यावरण के अनुकूल वॉटर-बेस्ड पेंट का उपयोग किया गया है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि जेल में बंद कैदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की मिसाल भी है।
प्रतिमाओं की खासियत:
- 100% इको-फ्रेंडली सामग्री: मिट्टी, गोबर, तुलसी बीज
- वॉटर-बेस्ड पेंट: जल में घुलनशील, विषैले रासायनिक रंगों से मुक्त
- विसर्जन के बाद पौधारोपण: तुलसी के बीजों के कारण विसर्जन के बाद पौधा अंकुरित होता है
यह प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के लिए जेल परिसर के बाहर लगाए गए विशेष स्टॉल पर प्रदर्शित की जा रही हैं। कोई भी श्रद्धालु इन्हें उचित निछावर (दान) के साथ अपने घर ले जा सकता है। इससे प्राप्त राशि बंदी कल्याण कोष में जमा की जाती है, जिसका उपयोग कैदियों के पुनर्वास, शिक्षा एवं प्रशिक्षण में किया जाता है।
समाज से जुड़ाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस पहल का उद्देश्य केवल पर्यावरण की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि जेल में रह रहे बंदियों को एक सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना है। ये प्रतिमाएं दर्शाती हैं कि यदि उन्हें अवसर दिया जाए तो वे समाज के लिए उपयोगी और रचनात्मक कार्य कर सकते हैं।
जबलपुर की सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल का यह प्रयास एक प्रेरणा है, जो न केवल पर्यावरणीय चेतना को जाग्रत करता है बल्कि पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को भी बल देता है।
प्रतिमाएं सीमित संख्या में उपलब्ध हैं, अतः श्रद्धालुओं से निवेदन है कि समय पर पहुंचकर इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें।
जेल के बाहर स्टॉल
:सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक

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